अखिलेश यादव, लाल समाजवादी टोपी में
राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

अखिलेश यादव

सैफई का एक बच्चा, जो इंजीनियर बना; कन्नौज से संसद पहुँचा; 38 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश का सबसे युवा मुख्यमंत्री बना — और 2024 में समाजवादी पार्टी को प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनाया।

नीचे चलिए
  • 38साल की उम्र में मुख्यमंत्री — प्रदेश के सबसे युवा
  • 5बार लोकसभा सदस्य
  • 224सीटें, 2012 — पहली बार अपने दम पर बहुमत
  • 37/80सीटें, 2024 — उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी
जन्म
1 जुलाई 1973, सैफई (इटावा)
माता-पिता
श्रीमती मालती देवी, श्री मुलायम सिंह यादव
शिक्षा
इंजीनियरिंग — मैसूर विश्वविद्यालय; मास्टर्स — सिडनी विश्वविद्यालय
पेशा
कृषक, इंजीनियर, राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता
शौक़
पढ़ना, संगीत, फ़िल्में; फ़ुटबॉल खेलना और देखना, क्रिकेट
सैफई

1 जुलाई 1973

इटावा ज़िले के सैफई गाँव में जन्म। पिता मुलायम सिंह यादव लोहिया की धारा के समाजवादी थे; 1992 में उन्होंने समाजवादी पार्टी की स्थापना की।

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पढ़ाई

इंजीनियर

शुरुआती पढ़ाई राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल में हुई। फिर मैसूर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग (बी.ई.)। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया।

पहला चुनाव

2000 — कन्नौज से संसद

2000 के उपचुनाव में कन्नौज से 13वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए — राजनीति में पहला कदम। 2004 और 2009 में कन्नौज ने उन्हें फिर चुना। संसद में वे विज्ञान-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन समिति के सदस्य रहे।

मुख्यमंत्री

15 मार्च 2012 — 38 साल के मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए, मार्च 2012
शपथ ग्रहण, मार्च 2012

समाजवादी पार्टी ने 403 में से 224 सीटें जीतीं — पहली बार अपने दम पर बहुमत। 10 मार्च को विधायक दल ने उन्हें नेता चुना और 15 मार्च 2012 को वे उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने — प्रदेश के 20वें मुख्यमंत्री। मई 2012 में वे विधान परिषद के सदस्य बने और कन्नौज की सीट छोड़ी।

काम बोलता है

पाँच साल, जो आज भी दिखते हैं

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव, मुंबई में संबोधित करते हुए
यूपी इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव, मुंबई, 10 सितंबर 2015

महिलाओं के लिए 1090 वुमेन पावर लाइन और मुफ़्त 108 एम्बुलेंस (2012) से लेकर जनेश्वर मिश्र पार्क (2014), आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे और यूपी 100 (2016) तक। 1 दिसंबर 2016 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ मेट्रो के पहले ट्रायल रन को हरी झंडी दिखाई; यात्री सेवा 5 सितंबर 2017 से शुरू हुई। उन्होंने "जनता दरबार" शुरू किया और ऐप व ऑनलाइन पोर्टल से सरकारी काम को कागज़-रहित बनाने की पहल की।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष

1 जनवरी 2017

अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 5 अक्टूबर 2017 को आगरा और 29 सितंबर 2022 को लखनऊ के राष्ट्रीय सम्मेलनों में उन्हें फिर अध्यक्ष चुना गया।

आज़मगढ़

2019 — पूरब से संसद

2019 के लोकसभा चुनाव में आज़मगढ़ ने उन्हें करीब 2.6 लाख वोटों से जिताया।

नेता प्रतिपक्ष

2022 — करहल से विधायक

मैनपुरी ज़िले की करहल सीट से 67,504 वोटों से जीते और आज़मगढ़ की लोकसभा सीट छोड़ी। पार्टी ने 111 सीटें और 32.06% वोट पाए — अब तक का सबसे ऊँचा वोट प्रतिशत। 26 मार्च 2022 से जून 2024 तक वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।

जनादेश

2024 — फिर कन्नौज, और 80 में से 37

पहली जीत के 24 साल बाद कन्नौज ने उन्हें 1,70,922 वोटों से फिर संसद भेजा। उनकी अगुवाई में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 37 सीटें जीतीं — प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी और लोकसभा में देश का तीसरा सबसे बड़ा दल।

सीट-दर-सीट नक्शा →
अपने शब्दों में

अखिलेश यादव ने कहा

उनकी अपनी पोस्ट, जस की तस — बिना अनुवाद, मूल पोस्ट के लिंक के साथ।

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2012–2017

काम बोलता है

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार की परियोजनाएँ — मुखपृष्ठ की स्क्रैपबुक में हर एक की कहानी।